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Jagran (Índia)

Lipids Function: ब्लड शुगर को नियंत्रित कर सकता शरीर में बनने वाला लिपिड खून

Publicado em 30 setembro 2019

Por Agência FAPESP

नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। Lipids Function ठंड के संपर्क में आने पर शरीर में ब्राउन एडिपोज टिश्यू से बनने वाला एक लिपिड खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है। हालिया शोध में यह बात सामने आई है। काबरेहाइड्रेट और प्रोटीन की मदद से शरीर के ऊतक (टिश्यू) ही लिपिड का निर्माण करते हैं। शरीर में दो तरह के एडिपोज टिश्यू होते हैं। इनमें व्हाइट एडिपोज टिश्यू अतिरिक्त वसा का संग्रह करते हैं।

वहीं, ब्राउन एडिपोज टिश्यू का काम भोजन से मिलने वाली ऊर्जा को गर्मी में बदलना और शरीर के तापमान को नियंत्रित करना होता है। इसी क्रम में ब्राउन एडिपोज टिश्यू 12-एचईपीई लिपिड का निर्माण करते हैं। चूहों पर किए गए शोध में पाया गया है कि 12-एचईपीई लिपिड खून में शुगर की मात्रा को कम करने में मददगार है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन नतीजों की मदद से डायबिटीज की नई व कारगर दवा बनाने का रास्ता खुल सकता है।

डायबिटीज होने के लक्षण

डायबिटीज जिसे सामान्यत: मधुमेह कहा जाता है। डायबिटीज होने का प्रमुख कारण मीठे का अधिक सेवन होता है। बता दें कि डायबिटीज मेटाबॉलिस्म (चयापचय) संबंधी बीमारियों का एक समूह है। जिसमें लंबे समय तक हाई ब्लड सुगर का स्तर रहता है। हाई ब्लड सुगर के मरीजों के लक्षणों में अक्सर पेशाब आना होता है, प्यास की बढ़ोतरी होती है, और भूख में वृद्धि होती है। डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है। तीव्र जटिलताओं में डायबिटीज या गंभीर स्थित में मरीज की मौत तक हो सकती है। डायबिटीज जब अधिक गंभीर हो जाती है तो इसके कई जटिल रुप दिखाई देते हैं। जिसके प्रमुख लक्षण हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रोनिक किडनी की विफलता, पैर अल्सर और आंखों की रोशनी में भी नुकसान दिखाई देता है।

डायबिटीज के रोगी क्या करें, क्या न करें

  • अब बात करेंगे कि डायबिटीज के रोगियों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं। डायबिटीज के रोगियों को एक डेली रूटीन बनाना बहुत ही जरूरी है।
  • सुबह जल्दी उठना चाहिए।
  • व्यायाम के लिए समय निकलना चाहिए।
  • सुस्त जीवनशैली के बजाए सक्रिय जीवन शैली अपनाना चाहिए।
  • साइक्लिंग, जिमिंग, स्विमिंग जो भी पसंद है उसे 30-40 मिनट तक ज़रूर करने की आदत डालें।
  • डायबिटीज एवं हार्ट की दवाएं कभी बंद नहीं होती हैं। इसलिए मरीज दवाएं कभी नहीं छोड़ें। इन दवाओं से किडनी और लिवर पर कोई असर नहीं पड़ता है।
  • चालीस की उम्र के बाद शुगर की जांच, लिपिड प्रोफाइल की जांच, किडनी फंक्शन टेस्ट, लिवर फंक्शन टेस्ट, टीएमटी जांच, रेटिना की जांच जरूर कराएं।
  • डायबिटीज में थोड़ा और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए।
  • डायबिटीज में हम सारे मौसमी और रस वाले फल खा सकते हैं। ड्राय फ्रूट्स की बात करें तो अखरोट, बादाम, चिया सीड्स, मूंगफली और अंजीर भी ले सकते हैं।
  • अपनी डाइट में गुनगुना पानी, छाछ, जौ का दलिया और मल्टीग्रेन आटा (मिलाजुला अनाज) शामिल करें।
  • डायबिटीज के रोगी को दिन में सोना, मल-मूत्र आदि वेगों को नहीं रोकना चाहिए। मांसाहार, शराब और सिगरेट आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • डायबिटीज रोगी को अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। ऐसे में वे नींबू पानी लेंगे तो यह उनकी सेहत के लिए और भी अच्छा होगा।
  • इन चीजों को न खाएं