Notícia

Health Shots (Índia)

मोटी लड़कियों को ज्‍यादा हो सकता है हृदय संबंधी समस्‍याओं का जोखिम : शोध

Publicado em 17 maio 2021

[Obese girls face heightened risk of cardiovascular disease in adulthood]

एक नए अध्ययन में पता चला है कि लड़कियों में मोटापे से जुड़े चयापचय परिवर्तन लड़कों की तुलना में अधिक होते हैं। इनमें उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल संबंधी समस्‍याएं ज्‍यादा हैं।

टीम हेल्‍थ शॉट्स

हम बार-बार आपको वजन कंट्रोल करने की सलाह यूं ही नहीं देते रहते हैं। असल में आपका वजन आपके स्‍वास्‍थ्‍य को बहुत गहनता से प्रभावित करता है। एक नए अध्‍ययन ने मोटी लड़कियों को अपने वजन पर नियंत्रण करने की सिफारिश की है। ताकि वे भविष्‍य में हाई ब्‍लड प्रेशर और हृदय संबंधी समस्‍याओं से बची रहें।

क्‍या है अध्‍ययन

ब्राजील में 92 किशोरों पर किए गए इस अध्ययन के निष्कर्ष फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन जर्नल में प्रकाशित हुए थे। अध्ययन साओ पाउलो विश्वविद्यालय के बायो मेडिकल साइंसेज इंस्टीट्यूट (आईसीबी-यूएसपी) और सांता कासा डी मिसेरिकोर्डिया डी साओ पाउलो (एफसीएम-एससीएमएसपी) में किया गया। इसके मेडिकल स्कूल से संबद्ध वैज्ञानिकों के साथ इसमें एफएपीईएसपी की भी साझेदारी है।

क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ

अध्‍ययन के लेखकों के अनुसार, मोटापे से ग्रस्त लड़कियों ने लिपिड प्रोफाइल परिवर्तन का एक पैटर्न देखा और वयस्कता में हृदय रोग विकसित करने की उच्च प्रवृत्ति प्रदर्शित की। जबकि जिन लड़कियों का वजन नियंत्रित था, उनमें यह पैटर्न नहीं देखा गया।

एस्टीफेनिया सिमोस(Estefania Simoes), लेख की पहली लेखक ने कहा, “हमने पाया कि लड़कियों में मोटापे के परिवर्तन अधिक पाए जाते है, जैसे कि उच्च रक्तचाप और डिस्लिपिडेमिया।

हमारे अध्ययन में, उन्होंने ट्राइग्लिसराइड्स और एलडीएल((LDL) खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर में वृद्धि की। जबकि उनमें एचडीएल((HDL)अच्छा कोलेस्ट्रॉल यूट्रोफिक (सामान्य वजन) लड़कियों की तुलना में कम था। ”

शोधकर्ताओं ने बताया कि अध्ययन में शामिल मोटे लड़कों के लिपिड प्रोफाइल में सामान्य वजन वाले लड़कों से ज्यादा अंतर नहीं था।

क्‍यों जरूरी है इस पर ध्‍यान देना

स्वास्थ्य अधिकारियों और क्षेत्र के वैज्ञानिकों के बीच बच्चों में बचपन में मोटापा एक बढ़ती हुई चिंता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का अनुमान है कि दुनिया भर में 5-19 वर्ष के लगभग 340 मिलियन बच्चे 2016 में अधिक वजन वाले या मोटे बच्चे थे।

हालांकि मोटापे के प्रभाव के संदर्भ में लड़कों और लड़कियों के बीच मतभेदों का गहराई से अध्ययन नहीं किया गया है।

सिमोस (Simoes) ने बताया, “हमने मोटे और सामान्‍य लड़कियों और लड़कों की तुलना 11-18 वर्ष की उम्र में की थी। साथ ही साथ सेक्स-निर्भर प्रतिक्रियाओं पर विशेष जोर देने के साथ, एन्थ्रोपोमेट्रिक, लिपिड और लिपोप्रोटीन प्रोफ़ाइल और हार्मोन और न्यूरोपेप्टाइड स्तर के बारे में भी अध्‍ययन किया। हमारे ज्ञान में, इस तरह का यह पहला अध्ययन है।”

अध्ययन रिकार्ड रियॉइटी उचिदा के साथ किया गया था, जो एक न्यूरोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सक थे। इन्होंने प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर के रूप में काम किया और साओ पाउलो में सांता कासा डे मिसेरीकिया अस्पताल के चाइल्ड ओबेसिटी आउट पेशेंट क्लिनिक में 92 प्रतिभागियों की भर्ती की।

उचिदा ने न्यूरोइमेजिंग का उपयोग ये पता लगाने की कोशिश करने के लिए किया कि क्या मोटापे से ग्रस्त विषयों में तृप्ति और भूख से जुड़े मस्तिष्क क्षेत्रों में परिवर्तन होते हैं। जिससे महिलाओं में हृदय रोग विकसित होने की संभावना अधिक होती है

सिमोस ने कहा, “इस विषय पर एक लेख प्रकाशित होने वाला है, जो मोटे रोगियों में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के लक्षणों पर केंद्रित है। उचिदा कई वर्षों से किशोर मोटापे का अध्ययन कर रही हैं।”

एससीएमएसपी टीम ने कुल कोलेस्ट्रॉल (टीसी), उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल), कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल), (VLDL), और ट्राइग्लिसराइड्स (TG), बहुत कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल के उपवास सीरम एकाग्रता को मापने के लिए विषयों का रक्तचाप(ब्लड प्रेशर) लिया और रक्त के नमूने जमा किए।

कैसे किया गया अध्‍ययन

शोधकर्ताओं ने विशेष प्रश्नावली (questionnaires) का उपयोग करके खाने के पैटर्न में उच्च चीनी और उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थों की लत की भी तलाश की। उन्होंने न्यूरो-ह्यूमरल परिवर्तन से जुड़े न्यूरोपेप्टाइड को भी मापा और मोटे विषयों में महत्वपूर्ण बदलावों का पता लगाया।

न्यूरोपैप्टाइड्स भूख और ऊर्जा संतुलन को विनियमित करने के लिए हार्मोन जैसे परिधीय संकेतों का निपटारा करने के लिए हैं।

सिमोस ने कहा, “इसके अलावा, लेप्टिन और इंसुलिन न्युरोपेप्टाइड्स एनपीवाई, एमसीएच और ए-एमएसएच के साथ घुलते मिलते हैं। ये न केवल भूख को नियंत्रित करते हैं, बल्कि सहानुभूति तंत्रिका तंत्र को भी सक्रिय करते हैं, जो मोटापे से जुड़े उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) में योगदान कर सकते हैं।”

क्‍यों है लड़के और लड़कियों में अंतर

लड़कियों और लड़कों के हार्मोन, साइटोकाइन और न्यूरोपेप्टाइड प्रोफाइल के बीच अंतर का नया डेटा व्यक्तिगत इलाज की जरूरत की ओर इशारा करता है।

सिमोस ने कहा, “हालांकि, हम ड्रग्स या भोजन की खुराक के आधार पर एक एकल चिकित्सीय डिजाइन तैयार करना चाहते हैं। हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि लड़कियों और लड़कों का समान रूप से इलाज नहीं किया जाना चाहिए। भले ही उनका वजन और उम्र समान हो, क्योंकि उनकी जीव प्रतिक्रिया अलग हैं।”

यह भी ध्‍यान दें

सिमोस ने बताया, “प्रश्नावली पर आधारित सर्वेक्षण इन लड़कियों और लड़कों के बीच मनोवैज्ञानिक स्तर पर खाने के विकारों की ओर इशारा करते हैं। हम कितना भी दिखाते हैं कि न्यूरोपेप्टाइड और हार्मोन में परिवर्तन होते हैं, उच्च रक्तचाप, सूजन और आदि की दिक्कत के कारण ये होता है। अंततः बच्चों को न केवल एक जैविक समस्या होती है, बल्कि उन्हें मनोवैज्ञानिक समस्या भी होती है”।

अंत में सिमोस ने ये निष्कर्ष निकाला, “कि बचपन में मोटापे का अध्ययन महत्त्वपूर्ण होता है, ताकि वयस्कता से पहले ही इसको समझा और खत्म किया जा सके”।

इसे भी पढ़ें-15 मिनट का टबाटा रूटीन आपको 100 से अधिक कैलोरी जलाने में मदद कर सकता है

Essa notícia também repercutiu nos veículos:
InfoSurHoy (EUA) Scienmag Science Magazine (Reino Unido) MSN (Indonésia) Suara.com (Indonésia) Medical Xpress (Reino Unido) Science Codex Patriot News Organization (EUA) News Medical (Austrália) Top Personal Health Il Mio Diabete (Itália) 7thSpace Sochob - Sociedad Chilena de Obesidad (Chile) Knowledia (França) Web India 123 (Índia) Yahoo! (Índia) Devdiscourse (Índia) Telangana Today (Índia) online South Burnett Online News Queensland Online News (Austrália) Warwick Online News (Austrália) Fraser Coast Online News (Austrália) Ipswich Online News (Austrália) Northern Rivers Online News (Austrália) Mackay Online News (Austrália) Adelaide Online News (Austrália) All My Medicine The Health Site (Índia) Healthy First Pcjisaku.tech Lokmat.com Azka News (Indonésia) Akses Disini (Indonésia) Malay News (Malásia) Todayline.me (EUA) The Health News Express Globe Health News Honest Columnist (EUA) Newso Time (Estados Unidos) Singleton Online News (Austrália) LatestLy (Índia) Newsaxes.com ABT - Amrapali by Tribe Hindustan Times (Índia) online Big News Network (Emirados Árabes Unidos) Deenewsline (Nigéria) Shirley Sluggio Nowslife (Índia) ZEE5 (Índia) Sify (Índia) ET HealthWorld (Índia) The Tribune (Chandigarh, Índia) online Ani News - South Asia's Leading Multimedia News Agency (Índia) Gladstone Online News (Austrália) Gold Coast Online News (Austrália) Gympie Online News (Austrália) Kawana Online News (Austrália) Gatton Online News (Austrália) Dalby Online News (Austrália) Australian Online News (Austrália) Biloela Online News (Austrália) Coolum Online News (Austrália) Central & North Burnett Online News (Austrália) Coastal Views Online News (Austrália) Chinchilla Online News (Austrália) Herbert River Online News (Austrália) Sunshine Coast Online News (Austrália) Perth Online News (Austrália) Northern Territory Online News (Austrália) Richmond Online News (Austrália) Stanthorpe Online News (Austrália) Daily Healthy News (Canadá) MediExpose (ìndia) Republish (Índia) The Health News Express Today News Online (Índia) India News Republic Rockhampton Online News (Austrália) Digpu News Network (Índa) QOSHE Medindia (Índia) TV Klan (Albânia) Blog ScienceNet (China) Med Daily (Rússia) India News Republic (Índia) TechiLive.in (Índia) Wees Health Newest (EUA) GoLancer Jerseycam Canberra Online News (Austrália) Knowledia (França) Social.riafan.ru (Rússia) Parenting Finest (EUA) Health Alerts (EUA) Health Academies (EUA) Baby Newest (EUA) Ximei APP (China) Wap.sciencenet.cn (China) Bariatric News online The Parent Daily WP - Western Pennsylvania - Health News Latin America News (Emirados Árabes Unidos) Sierra Leone News (Serra Leoa)